Category Spiritual

  • जय दुर्गे दुर्गतिनाशिनि जय

    स्नेहमयी सौम्या मैया जय। जय जननी जय जयति जयति जय॥

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  • How did Ganesha Ji get an elephant head?

    You may notice that one of Vinayaka’s tusks is broken. There is a legend about this too. Demon Taraka obtained boon from Brahma that he should not be killed with anything that had life or that hadn’t. With this power the wily Demon began to torment the three worlds until he was killed by Vinayaka.

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  • शिकागो के ऐतिहासिक व्याख्यान की १२५वीं वर्षगाँठ

    जो कोई मेरी ओर आता है, चाहे वह किसी प्रकार से हो, मैं उसे प्राप्त होता हूँ। लोग भिन्न-भिन्न मार्ग से प्रयत्न करते हुये अन्त में मेरी ही ओर आते हैं।

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  • श्री गणेश जी की आरती

    मैं उन भगवान गजानन गणेशजी को प्रणाम करता हूँ, जो लोगों के सम्पूर्ण विघ्नोंका हरण करते हैं। जो सबके लिए धर्म, अर्थ और कामकी उपलब्धि कराते हैं, उन विघ्नविनाशक को नमस्कार है।

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  • तत्त्वविवेचनी

    पहले किसी दूसरे उद्देश्य से किए हुए कर्मोंको पीछे से भगवानके अर्पण कर देना, कर्म करते करते बेचमें ही भगवानके अर्पण कर देना – यह भी “भगवदर्पण” का ही प्रकार है, यह भगवदर्पणकी प्रारम्भिक सीढ़ी है।

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  • ज्ञानेश्वरी

    जलमें रहने वाला प्राणी जिस क्षण जल के बाहर निकले उस क्षण ही जान लेना चाहिए की अब उसकी मृत्यु आ गयी है। इसी प्रकार किसी भी मनुष्यको कभी भी स्वधर्म त्याग नहीं करना चाहिए।

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  • Arpana

    Is it possible to mistakenly, have ahankara that I have done arpan of everything to Bhagwan?
    No, it is not possible. If abhiman is the result then complete samarpan has not been done. We assumed material to be ours by mistake, when we corrected the mistake then where is the question of abhiman?

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