Category Spiritual

  • हंस गीता

    Author

  • Kali The Mother 3

    Author

  • Kali The Mother 2

    Author

  • Kali The Mother 1

    Author

  • श्री गुरु गीता

    यह गुरु अपनी निश्चयात्मिका बुद्धि से भिन्न नहीं है, अर्थात् गुरु की कृपा से ही मनुष्य की बुद्धि सत्कार्य में प्रवृत्त होती है, अत: इस तरह की बुद्धि गुरु का अपना ही स्वरूप है।

    Author

  • प्रश्नोत्तरमणिमाला

    सात्त्विक सुख, शान्ति और आनन्दमें क्या फर्क है?
    सांसारिक सुख और पारमार्थिक आनन्दमें क्या अन्तर है?
    कर्तव्यका पालन कठिन क्यों दीखता है?

    Author

  • जय दुर्गे दुर्गति परिहारिणि

    माँ दुर्गा की पूजा बड़े व्यापक रूप से भारत और भारतेतर भारतवासियों के द्वारा बड़ी श्रद्धा-भक्ति से मनाई जाती है। सर्वदुखहारिणी, सर्वसुखकारिणी, दयारूपिणी, वात्सल्यप्रर्विषणी माँ दुर्गा संसार की सभी चराचर प्राणियों की माता हैं।

    Author

  • चुप-साधन

    चुप-साधन समाधिसे श्रेष्ठ है; क्योंकि इससे समाधिकी अपेक्षा शीघ्र तत्त्वप्राप्ति होती है। चुप-साधन स्वतः है, कृतिसाध्य नहीं है, पर समाधि कृतिसाध्य है। चुप होनेमें सब एक हो जाते हैं, पर समाधिमें सब एक नहीं होते। समाधिमें समय पाकर स्वतः व्युत्थान होता है, पर चुप-साधनमें व्युत्थान नहीं होता। चुप-साधनमें वृत्तिसे सम्बन्ध विच्छेद है, पर समाधिमें वृत्तिकी सहायता है।

    Author

  • काम-क्रोधादि स्वभाव नहीं, विकार हैं

    काम-क्रोधादि विकार तभी तक तुमपर अधिकार जमाये हुए हैं, जबतक इन्हें बलवान् मानकर तुमने निर्बलतापूर्वक इनकी अधीनता स्वीकार कर रखी है।

    Author

  • भगवती शताक्षी शाकम्भरी

    भगवती शताक्षीने प्रसन्न होकर ब्राह्मणों एवं देवताओंको अपने हाथोंसे दिव्य फल एवं शाक खानेके लिये दिये तथा भाँति-भाँतिके अन्न भी उपस्थित कर दिये। पशुओंके खानेयोग्य कोमल एवं अनेक रसोंसे सम्पन्न नवीन तृण भी उन्हें देनेकी कृपा की और कहा कि मेरा एक नाम ‘शाकम्भरी’ भी पृथ्वीपर प्रसिद्ध होगा।

    Author